Corona Vaccine बन तो गई, पर जिन बंदरों पर हुआ ट्रायल, उनका ये हुआ हाल…

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लंदन। कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) को वैज्ञानिकों ने बना तो लिया था, लेकिन इसका हाल जानकर आपको मायूसी हो जाएगी। दरअसल ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी (oxford university) ने कोरोना वैक्सीन (corona vaccine) बनाई थी, लेकिन जिन बंदरों (monkeys) पर इसका ट्रायल (trial)  किया गया उन बंदरों को भी संक्रमण हो गया। इससे साफ हो गया हे कि ब्रिटेन की ऑक्स्फोर्ड यूनिवर्सिटी (oxford university) द्वारा बनाई गई कोरोना वैक्सीन इंसानों को कोरोना वायरस के संक्रमण से बचाने में कारगर नहीं है।

जिन बंदरों को लगा टीका उनकी नाक में….

 यह कोरोना महामारी से लड़ रहे पूरी दुनिया के लिए चिंता करने वाली खबर है। हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर के डॉ. विलयम हेसलटाइन ने इस बारे में बतया कि जिन छह बंदरों  (monkeys) पर कोरोना टीके का ट्रायल (trial) किया गया था उनके नाक में उतनी ही मात्रा में कोरोना वायरस पाया गया जितना कि तीन अन्य नान वैक्सीनेटेड (जिन्हें टीका नहीं लगाया गया था) बंदरों की नाक में था।

डॉ. विलियम ने आगे कहा कि इसका मतलब यह हुआ कि  9 करोड़ पौंड के सरकारी खर्च पर जिस वैक्सीन को बनाया गया वह कोरोना वायरस को फैलने से नहीं रोक सकती। इस वैक्सीन का नाम ChAdOx1 nCov-19 है। और ये अभी फर्स्ट क्लीनिकल ट्रायल में है।

यह स्थायी उपचार के प्रयासों को बड़ा झटका

लंदन के इंपेरियल कॉलेज के प्रोफेसर ने इस बारे में कहा है कि यह कोरोना के स्थायी उपचार की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को बड़ा झटका है। उन्होंने यह भी कहा कि लोगों को इस झूठी उम्मीद में नहीं रहना चाहिए कि इस वायरस से उन्हें टीके के जरिए जल्द निजात मिल जाएगी। वहीं ब्रिटेन के एक मंत्री ने कहा था कि उम्मीद है कि ब्रिटेन में 3 करोड़ वैक्सीन सितंबर के माह तक तैयार हो जाएंगी।

सफलता मिली  तो सिर्फ इतनी ही

हालांकि इस वैक्सीन को लेकर राहत की बात यह रही कि यह वैक्सीन कोरोना वायरस को नाक से फेफड़े में जाने के मार्ग में रोकता है। यह वायरस फेफड़े में जाकर ही घातक हो जाता है।

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