अमेरिकी विदेशी मंत्री बोले अब रिलायंस जियो में चीनी उपकरणों का नहीं होगा…

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-चीनी सामान के बहिष्कार की तेज होती मुहिम

नई दिल्ली। गलवान घाटी (Galvan Valley) में चीन के सैनिकों (China soldiers) के साथ झड़प में 20 भारतीय फौजियों की शहादत (20 Indian soldiers killed) के बाद देश में चीनी सामान के बहिष्कार की तेज होती मुहिम के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पियो (US Secretary of State Mike Pompeo) ने कहा है कि भारत की अग्रणी दूरसंचार कंपनी रिलायंस जियो में चीनी उपकरणों का उपयोग नहीं किया जाता है।

रिलायंस जियो में चीनी उपकरणों का इस्तेमाल नहीं करने का जिक्र कर बुधवार को श्री पोम्पियो ने चीनी कंपनी हुआवे पर निशाना साधते हुए कहा कि अब दुनिया भर में प्रमुख टेलीकॉम कंपनियां हुआवे के साथ सौदे खत्म कर रही हैं। विश्वस्तर पर जियो के साथ टेलीफोनिका, ऑरेंज टेलस्ट्रा जैसी कंपनियां अब साफ सुथरी टेलीकॉम कंपनियां बनती जा रही हैं।

डेटा चुराने जैसे गंभीर आरोप भी चीनी कंपनियों पर लगे

कई चीनी टेलीकॉम कंपनियों के साथ हुआवे पर अमेरिका समेत कई देश जासूसी का आरोप लगाते रहे हैं। उपभोक्ताओं के साथ टेलीकॉम कंपनियों का डेटा चुराने जैसे गंभीर आरोप भी चीनी कंपनियों पर लगे हैं। अमेरिका ने हुआवे पर कई प्रतिबंध लगाए हुए हैं हालांकि हुवावे इस तरह के आरोपों से इंकार करती रही है।

रिलायंस जियो में कोई भी चीनी उपकरण नहीं लगा

एयरटेलब और वोडाफोन-आइडिया जैसी भारतीय टेलीकॉम कंपनियां अपने नेटवर्क संचालन के लिए चीनी हुआवे के साथ काम कर रही हैं, जबकि सरकारी बीएसएनएल ज़ीटीई के साथ काम करती है। इसी साल फरवरी में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत दौरे के समय हुई मुलाकात में रिलायंस इंडस्ट्रीज के मालिक मुकेश अंबानी ने कहा था कि रिलायंस जियो में कोई भी चीनी उपकरण नहीं लगा है।

5जी में उतरने की तैयारी कर रहे अंबानी

दरअसल ट्रंप ने श्री अंबानी की उनसे मुलाकात में पूछा था कि क्या आप 5जी में उतरने की तैयारी कर रहे हैं, इसके जवाब में श्री अंबानी ने कहा था हम 5जी की तैयारी कर रहे हैं। साथ ही हम ऐसा नेटवर्क बना रहे हैं जिसमें चीनी कंपनियों के उपकरण इस्तेमाल नहीं किए जायेंगे।

गलवान (Galvan Valleya) में सैनिकों की शहादत के बाद सरकार ने चीनी दूरसंचार कंपनियों के खिलाफ कड़ा रूख आख्तियार किया है। सरकार ने बीएसएनएल को आदेश दिया है कि वह चीनी उपकरणों से दूर रहे। बीएसएनएल भी चीनी कंपनियों के साथ हुए सौदे रद्द करने का ऐलान कर चुकी है।

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