बालाकोट एयर स्ट्राइकः पाक सेना ने सबूत मिटाकर महीने बाद मीडिया को दिखाया कैंप

पेशावर। बालाकोट में भारतीय वायु सेना द्वारा किए एयर स्ट्राइक के करीब एक महीने बाद पाक सेना पत्रकारों की टीम को उस जगह लेकर गई, जहां जैश के आतंकी कैंप को तबाह कर दिया गया था। बताया जाता है कि पाक ने हमले के बाद इन 32 दिनों दौरान हमले के सभी सुबूतों को मिटा दिया, जिससे ये साबित न हो सके कि भारत की कार्रवाई में उसके आतंकी कैंप को नुकसान हुआ है। रक्षा मंत्रालय से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक पाकिस्तान ने बालाकोट का हुलिया बदलकर दुनिया को ऐसा दिखाने को कोशिश की है, जिससे लगे कि ये कोई आम मदरसा है। 28 मार्च को आठ मीडिया टीम के सदस्यों को बालाकोट कैंप के अंदर ले जाने से पहले 300 के करीब बच्चों को कैंप में बैठा दिया गया था। सभी बच्चों को पहले ही ब्रीफिंग कर ये समझा दिया गया था कि उन्हें मीडिया के सामने क्या बोलना है। बताया जाता है कि पाकिस्तान ने बालाकोट में हमले के बाद ही पाकिस्तानी सेना की फ्रंटियर कोर को तैनात कर दिया था। इसके बाद चुपचाप आतंकियों के शवों को हटा दिया गया और तबाह हुए कैंप को दोबारा दुरुस्त कर दिया गया। यही वजह है कि हमले के एक महीने बाद पाकिस्तानी मीडिया को बालाकोट कैंप के अंदर ले जाया गया। मीडिया को 3 बार जाने से रोक चुकी है पाक सेना मीडिया एजेंसी रायटर की टीम ने 28 फरवरी से लेकर 8 मार्च के बीच तीन बार बालाकोट में जाने की कोशिश की, लेकिन तीनों ही बार पाक सेना ने उन्हें मना कर दिया। पाक सेना ने कभी खराब मौसम का हवाला दिया तो कभी सुरक्षा कारणों का। एक अंग्रेजी पत्रिका ने अपने स्टिंग ऑपरेशन में पर्दाफाश किया था कि इस हमले में आतंकियों के साथ-साथ पाकिस्तानी सेना के जवान भी मारे गए हैं।

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