दंतैल को देख जान बचाने युवक बाइक छोड़कर भागा

दंतैल को देख जान बचाने युवक बाइक छोड़कर भागा

मार्निंग वॉक पर निकले लोगों का हुआ दंतैल से सामना
नवप्रदेश संवाददाता
महासमुंद। जंगली हाथियों का दल सिरपुर क्षेत्र में विचरण कर रहा है। आए दिन ग्रामीणों का सामना हाथियों से हो रहा है। वहीं कुछ दंतैल दल छोड़कर आसपास गांव पहुंचकर उत्पात मचा रहे हैं। बुधवार सुबह अचनाकपुर में ग्रामीण छह बजे मार्निंग वॉक पर निकले थे। सड़क पर दंतैल को देखकर उनके होश उड़ गए। वहीं ग्राम पीढ़ी में भी पूजा के लिए मंदिर जा रहे एक ग्रामीण का सामना दंतैल से हुआ। वह अपनी जान बचाने बाइक छोड़कर मौके पर से भाग गया। हाथी भगाओ फसल बचाओ समिति के संयोजक राधेलाल सिन्हा ने बताया कि जलकी के कृष्णा साहू एवं छपोराडीह के पूर्व सरपंच गजानन्द पटेल सहित अन्य ग्रामीण मार्निंग वॉक पर निकले थे। इसी बीच उनका सामना दंतैल से हुआ। दंतैल को देख उनके होश उड़ गए। दंतैल मेन रोड अचानकपुर छापर के पास लोगों का रास्ता रोक दिया था। ग्रामीणों को देख दंतैल उनकी ओर दौडऩे लगा। दंतैल को अपने ओर आते देख बचने के इधर-उधर भागने लगे। गांव के समीप हाथियों के पहुंचने से लोगों में दहशत है। इसी प्रकार ग्राम पीढ़ी के नवीन चंद्राकर सुबह 9 बजे अपनी मोटर साइकिल से बरदेव बाबा देवता के मंदिर में पूजा करने जा रहा था। तभी उसका सामना दंतैल से हुआ। दंतैल उसकी ओर बढ़ रहा था। वह बाइक छोड़कर वहां से भाग निकला।
बाद में दंतैल के चले जाने के बाद वन अमले ने ग्रामीण को बाइक को वापस दी। सिन्हा ने बताया कि यह दंतैल हाथी दो-तीन दिन से दिखाई नहीं दे रहा था, लेकिन बुधवार सुबह फिर एक बार गांव के समीप पहुंच चुका है। इस हाथी से जनहानि की संभावना बहुत अधिक है, इसलिए वन अमला को सावधानी बरतनी चाहिए। दंतैल क्षेत्र में सबसे ज्यादा उत्पात मचाता है। फसल हानि के साथ जनहानि भी करता है। ये वही दंतैल है, जिसने अब तक दर्जनभर लोगों की जान ले ली है। ग्रामीणों के अनुसार दंतैल अकेला घूमता है और जैसे ही मौका मिलता है लोगों की जान लेने पर उतारू हो जाता है।
10 को हाथियों को रेडियो कॉलर पहनाएगी टीम
जंगलों में तबाही मचाने वाले हाथियों को जल्द ही रेडियो कॉलर पहनाया जाएगा। इसके लिए 10 मई को वाइल्ड लाइफ एसओएस की टीम महासमुंद पहुंचेगी। ऑपरेशन गजराज के तहत दंतैल को रेडियो कॉलर पहनाने के लिए टीम ने तैयारी शुरू कर दी है। साथ ही जिस हाथी को कॉलर पहनाया जाना है, उसका डोजियर (हाथी से संबंधित सभी जानकारी) भी तैयार कर लिया गया है। एक मई को परसाडीह में एक किसान की मौत के बाद से ही वन विभाग ने इस दिशा में काम शुरू कर दिया था। छत्तीसगढ़ के हाथियों को रेडियो कॉलर से लैस करने के लिए दो अलग-अलग संस्था को दिया है। इसमें वाइल्ड लाइफ इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (डब्ल्यूआईआई) को सरगुजा वनवृत्त में मौजूद हाथियों को रेडियो कॉलर पहनाना है। महासमुंद वनवृत्त के हाथियों को वाइल्ड लाइफ एसओएस की टीम रेडियो कॉलर पहनाएगी।

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