Chhattisgarh का ऐसा गांव, जहां 20 वर्ष से इसी शख्स को चुना जाता है सरपंच

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  • कोंडागांव जिले के इस गांव में पंच, उपसरपंच भी आपसी सहमति से चुन लिए जाते हैं

कोंडागांव/नवप्रदेश। छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) का एक गांव (village elect sarpunch unopposed) ऐसा है, जहां गत 20 वर्ष से ग्राम संसद यानी ग्राम पंचायत (gram panchayat election) का गठन आपसी सहमति से हो जाता है।

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बात हो रही है जिले की राजागांव ग्राम पंचायत (gram panchayat election) की। यहां ग्रामीण आपस में बैठकर पंच, उपसरपंच के साथ ही सरपंच को भी निर्विरोध चुन लेते हैं। खास बात यह है कि यहां पिछले 20 वर्ष से दशरथ नाम के एक ही शख्स को निर्विरोध सरपंच चुना जा रहा है।

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दशरथ का काम ही कुछ ऐसा है कि वे अब इस गांव (village elect sarpunch unopposed) के नायक बन गए हैं। चुनाव चाहे ग्राम पंचायत (gram panchayat election) का ही क्यों न हो, लडऩे के लिए उम्मीदवारों को पैसा खर्च करना होता ही है।

शासकीय स्तर पर चुनाव कराने के लिए भी लाखों रुपए खर्च किए जाते हैं। लेकिन छत्तीसगढ़ (chhattisgarh) के कोंडागांव जिले का राजागांव बगैर खर्च के हर बार बिना चुनाव व खर्च के पंच, सरपंच व उपसरपंच चुनकर मिसाल पेश कर सकता है।

छात्र जीवन से ही गांव के हक की लड़ाई लड़ रहे दशरथ

आश्रित ग्राम को स्वतंत्र ग्रापं बनवाकर ही माने

ग्रामीणों ने बताया कि दशरथ छात्र जीवन से ही गांव के विकास व हक के लिए संघर्षशील रहे हैं। राजागांव कभी ग्राम पंचायत सुकुरपाल कभी दहिकोंगा पंचायत तो कभी कुकाड गारकापाल ग्राम पंचायत में आश्रित ग्राम के तौर पर रहा। लिहाजा राजागांव के ग्रामीणों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए अपने गांव को अलग पंचायत बनवाने के लिए दशरथ लगातार शासकीय कार्यालयों में पहुंच आवेदन देते रहे। यह सिलसिला तब तक जारी रहा जब तक की उनका आश्रित गांव को स्वतंत्र पंचायत नहीं बन गया।

वन प्रबंधन समिति में किए कामों से किया प्रभावित

ग्राम पंचायत राजागांव के ग्रामीण बताते हैं कि दशरथ अपने छात्र जीवन मे ही वन प्रबंधन समिति से जुड़कर लगातार ग्रामीणों के हितों के लिए सुझाव दे रहे हैं। सरपंच के तौर पर उनकी यात्रा का दौर यहीं से शुरू हुआ। वनप्रबंधन समिति में दशरथ के कामकाज से प्रभावित होकर ग्रामीणों ने उन्हें नायक मानते हुए सरपंच बनाने का फैसला किया जो आज तक नहीं बदल सका है। हर पंाच साल में ग्राम पंचायत गठन के लिए होने वाली ग्रामसभा मेंं ग्रामीण दशरथ को सर्वसम्मति से सरपंच चुन लेते हैं।

इसलिए संभव होता निर्विरोध चुनाव

गांव की एक और खास बात है कि राजागांव में शासन की हर योजना के क्रियान्वयन में पंचायत के हर निवासी की भागदारी होती है । इसीका परिणाम है कि बीते 20 वर्षों से इस ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि निर्विरोध चुन लिए जाते हैं।

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