बड़ी खबर : जमीन की नई गाईड लाइन दर तय, छग शासन ने किया लागू

  • राजधानी के सभी जमीन मालिक हुए मालदार

  • स्वामी आत्मानंद वार्ड की सबसे महंगी जमीनें

  • रोड से 20 मीटर अंदर और बाहर की दरें तय

  • डेढ़ लाख रु.प्रति वर्ग मीटर से ज्यादा कई जमीनें

नवप्रदेश संवाददाता
रायपुर। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड व्दारा अनुमोदित अचल संपत्ति के बाजार मूल्य के लिए मार्गदर्शक सिध्दांत को छत्तीसगढ़ शासन chhattisgarh government ने लागू कर दिया है। वर्ष 2019-20 के लिए राजधानी रायपुर Raipur की जमीनों की गाईड लाइन के मुताबिक नई दर तय कर ली गई है। शासन ने इन दरों को 24 जुलाई 2019 से प्रभावशील भी कर दिया है।

उपपंजीयक कार्यालय रायपुर के प्रारूप एक नियम-7 के मुताबिक नगरीय संपत्तियों के बाजार मूल्य मार्गदर्शन सिध्दांत में नगर पालिक निगम रायपुर के सभी वार्डों की जमीनों की कीमत में वृध्दि दर्ज की गई है। दो तरीकों से जमीनों की दरें गाइड लाइन में तय हैं। पहली संपत्ति मुख्य मार्ग पर स्थित होने की स्थिति में 20 मीटर तक की दर प्रति वर्ग मीटर और दूसरी संपत्ति मुख्य मार्ग पर से 20 मीटर अंदर वाली जमीनों की कीमत को अलग-अलग दरों में रखा गया है।

पिछली सरकार में छोटी जमीन की रजिस्ट्री, डायवर्सन और अन्य प्रक्रियाओं पर एक तरह से रोक लगा दिया था। भूपेश सरकार ने छोटे जमीन मालिकों को राहत देने वाला लगातार दो अहम फैसला सुनाते हुए एक तरह से जमीन, मकान कारोबार मे बूम ला दिया है। राजधानी के सभी वार्डों की जमीन की कीमत में भी इजाफा हुआ है।

रायपुर के 70 वार्डों में से दर्जनभर वार्ड में एक वक्त था जब जमीन की दरें कम थी। परंतु वर्ष 2019-20 की अचल संपत्ति के बाजार मूल्य में प्रति वर्ग मीटर डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच गया है। सबसे महंगी जमीनों में आत्मानंद वार्ड है।

खास इलाकों की प्रति वर्ग मीटर की दर से नई कीमतें

  • खमतराई थाना से भनपुरी में रिंग रोड तिराहा तक 45 से 15 हजार रु. प्रतिवर्ग मीटर
  • खमतराई थाना से डीआरएम दफ्तर वाल्टेयर रेल क्रॉसिंग तक 53 से 15 हजार प्र.मी.
  • जीई रोड पिकाडली होटल से रेलवे रायपुर की ओर रेल क्रॉसिंग तक 32 से 19 हजार
  • महोबा बाजार कोटा-गुढिय़ारी मार्ग राम दरबार होकर सुयश अस्पताल तक 35 से 15 हजार
  • टाटीबंध से पिकाडली चौक तक जीई रोड पर 32 से 19 हजार रु.प्रति वर्ग मीटर
  •  आयुर्वेदिक कॉलेज से रायपुर-दुर्ग रेल फाटक तक 55 हजार से 12500 रु.कीमत
  •  रेल क्रासिंग से महोबाजार शिव मंदिर तक 32 हजार से 12500 रुपए प्रति वर्ग मीटर
  •  जीई रोड से आरकेसी.के सामने स्वरूप चंद जैन निवास, एमआरआई अस्पताल 50 से 40 हजार
  •  रायपुर-दुर्ग रोड में रेलवे फाटक से संस्कृत कॉलेज तक(जीई रोड पर)55 से 30 हजार रु. तक
  •  संस्कृत कॉलेज से आरकेसी गेट तक जीई रोड बांया भाग 90 से 40 हजार रु.प्रति वर्ग मीटर
  • करबला पारा, महाराष्ट्र मंडल व उछला तालाब तक 35 हजार रुपए प्रति वर्ग मीटर तक
  •  नेशनल कॉर्पोरेट पार्क 95 हजार रुपए दर तय
  • समता आर्किड 50 हजार रुपए दर तय
  •  स्टेशन चौक, तेलघानी नाका, फाफाडीह चौक, गुरुनानक व राठौर चौक 1 से 1 लाख 10 हजार तक
  •  कचहरी चौक से खालसा स्कूल होते हुए निरंकारी फर्नीचर बलौदाबाजार रोड 1 लाख 30 हजार से 52 हजार
  • बायपास, एक्सप्रेसवे, केनाल रोड और दुर्ग, बिलासपुर, बलौदाबाजार मार्ग की जमीनों की दरों में भी इजाफा
  •  एक्सप्रेस वे धमतरी रेल क्रासिंग से तेलीबांधा, व्हीआईपी तिराहा से तेलीबांधा तक 70 से 22 हजार रुपए तक
  • हवलदार अब्दुल हमीद वार्ड की जमीनें भी 1 लाख 60 हजार से 85 हजार रु. तक
  • सदर बाजार वार्ड की जमीनों की औसत दरें 1.40 लाख से 1.60 लाख रुपए और अंदर की दरें 75 हजार रु
  •  मौलाना अब्दुल रऊफ वार्ड में 70 हजार से 1 लाख 40 हजार प्रति वर्ग मीटर जमीन की दरें तय
  •  वीआईपी इलाका सिविल लाइन वार्ड में जमीन की कीमत अन्य व्यवसायीक वार्डों से कम ही है। कीमत प्रति वर्ग मीटर सीएम हाउस से नवीन विश्राम भवन के आसपास और छत्तीसगढ़ क्लब होकर मजार तक की जमीनें 35 से 73 हजार रु. प्रति वर्ग मीटर है।

अप्रैल से जुलाई तक मिला 406 करोड़ का पंजीयन राजस्व

जमीनों की गाइड लाइन दर 30 प्रतिशत कम करने और 75 लाख रूपए कीमत तक के आवासीय संपत्ति का पंजीयन दर 4 प्रतिशत से घटाकर 2 प्रतिशत करने का निर्णय हाल ही में राज्य सरकार ने लिया है। चालू वित्तीय वर्ष में एक हजार 500 करोड़ रूपए राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य है। वित्तीय वर्ष 2019-20 में अप्रैल से जुलाई माह तक 406 करोड़ रूपए का पंजीयन राजस्व प्राप्त हुआ है।

यह पिछले वर्ष इसी अवधि में प्राप्त राशि से 28 प्रतिशत अधिक है। विभाग द्वारा इस दौरान 85 हजार 250 दस्तावेजों का पंजीयन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 18 प्रतिशत अधिक है। 1 जनवरी से छोटे भूखंडों के पंजीयन की शुरूआत की गई है। जनवरी से जुलाई के बीच 57 हजार 585 संपत्तियों का पंजीयन किया जा चुका है।

उन्होंने बताया कि इस वर्ष 6 नए उप पंजीयक कार्यालयों के लिए भवन निर्माण के साथ ही 15 अन्य पंजीयन कार्यालयों का उन्नयन किया जाएगा। बैठक में सभी जिलों के जिला पंजीयन और उप पंजीयन अधिकारी तथा स्टांप वेंडर्स व स्टॉक होल्डिंग कार्पोरेशन के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।

 

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