दो महीने में बिजली की खपत पहुंची 5 से 15 करोड़ यूनिट

  • तेज धूप के कारण खेतों में लगातार चल रहे सिंचाई पंप
  • अप्रैल महीने के बाद बिजली खपत में हो सकती है कमी
  • ट्रांसफार्मरों में लोड बढऩे से लो-वोल्टेज की है समस्या

महासमुंद। जिले में दो महीने में बिजली की खपत ५ से १५ करोड़ यूनिट तक पहुंच गई है। ट्रांसफार्मरों पर लोड भी बढ़ गया है। लो-वोल्टेज की समस्या भी शुरू हो गई है। बताया जाता है कि नलकूप खनन ज्यादा हुआ है। खेतों में सिंचाई पंप दिन-रात चल रहे हैं।
विद्युत विभाग के अफसरों की मानें तो पहली बार ऐसा हुआ है कि बिजली की खपत पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अधिक बढ़ गई है। इस वर्ष कर्ज माफी व बढ़े समर्थन मूल्य के कारण ग्रामीण अंचलों में सिंचाई पंप के लिए बिजली कनेक्शन लिए हैं। अप्रैल माह के अंतिम सप्ताह के बाद ही बिजली खपत में कमी आएगी। जानकारी के मुताबिक गर्मी बढ़ते ही फसलों को नुकसान न हो, इसके लिए किसान अपने खेतों में लगातार पंपों से खेतों की सिंचाई कर रहे हैं। इसके अलावा फरवरी महीने से घरों में गर्मी के तेवर से एसी और कूलर इस्तेमाल भी हो रहा है। बिजली विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जनवरी माह में बिजली की खपत ५ करोड़ यूनिट थी। फरवरी में ८ करोड़, मार्च में सीधे १५ करोड़ यूनिट एकदम से बढ़ गई। फसल पकने के बाद किसान पंप से पानी लेना बंद कर देंगे। इसके बाद ही बिजली की खपत में कमी आएगी। वहीं बिजली विभाग का मानना है कि इस वर्ष पारा बढऩे से किसानों ने धान की फसल को पानी देने के लिए १६ से १८ घंटे पंप का उपयोग कर रहे हैं। वहीं बिजली हाफ भी कहीं न कहीं प्रभाव डाल रहा है। बिजली हाफ होने के कारण लोग बिजली खपत अधिक कर रहे हैं। ज्ञात हो कि पहले घरों में भी बिजली बिल को देखकर १२ घंटे ही लोग कूलर एसी का इस्तेमाल करते थे। अब बिजली हाफ के बाद से खपत बढ़ गई है। बिजली विभाग ने बिजली हाफ का लाभ देना भी शुरू कर दिया है। बकायदार बिजली बिल का भुगतान कर रहे हैं।

इस वर्ष बढ़े पंप के लिए बिजली कनेक्शन

ईई सुनील साहू ने बताया कि सरायपाली में ५६२ व महासमुंद में ७८७ किसानों ने खेतों में सिंचाई के लिए कृषि पंप कनेक्शन व बिजली की मांग की है। आवेदनों पर जांच की जा चुकी है, लेकिन आचार संहिता के कारण वर्तमान में टेंडर नहीं निकाला जा सकता है। इसलिए सारी प्रक्रिया रुक गई है। आचार संहिता के पूर्व जितने भी टेंडर पास हुए हैं, उन पर कार्य प्रारंभ हो गया है। शेष आवेदनों पर स्वीकृति चुनाव के बाद मिलेगी। सरायपाली क्षेत्र में बड़ी संख्या में किसान कृषि पंप कनेक्शन लेकर खेती-किसानी का काम करते हैं। करीब 20188 पंप कनेक्शन दिए गए हैं।

सरायपाली व महासमुंद जोन मिलाकर इस वर्ष खपत पर नजर डालें तो पिछले वर्ष की अपेक्षा इस वर्ष अधिक बिजली खपत रिकार्ड तोड़ हुई है। किसानों ने इस वर्ष पंप के लिए ज्यादा कनेक्शन लिया है। मार्च से १५ करोड़ यूनिट बिजली की खपत हो रही है।
सुनील साहू, ईई विद्युत विभाग महासमुंद 

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