जाति से बहिष्कृत करने वाले पर जोगी करेंगे 1 करोड़ की अवमानना का दावा |

जाति से बहिष्कृत करने वाले पर जोगी करेंगे 1 करोड़ की अवमानना का दावा

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  • कोडग़ार गांव के धनसिंह कंवर को अवमानना का नोटिस भेजा

  • एक माह के भीतर माफी नहीं मांगने पर कोर्ट जाने की दी चेतावनी

रायपुर/नवप्रदेश। सूबे के पहले मुख्यमंत्री अजीत जोगी (ajit jogi) की जाति (caste) मामले मेंं नया मोड़ आ गया है। अजीत जोगी ने कोडग़ार गांव के धनसिंह कंवर को अवमानना का नोटिस (notice) भेजा है। एक माह के भीतर माफी (apologize) नहीं मांंगने पर उन्होंने सिविल न्यायालय में धनसिंह पर मानहानि के लिए एक करोड़ रुपए का दावा करने की चेतावनी भी दी है।

साथ ही भारतीय दंड विधान अंतर्गत प्रकरण दर्ज कराने की भी बात कही है। बता दें कि जोगी (ajit jogi) के खिलाफ हाईपॉवर कमेटी की रिपोर्ट आने व उन पर एफआईआर दर्ज होने के बाद धनसिंह कंवर ने कथित तौर पर अजीत जोगी को कंवर जाति से बहिष्कृत करने का ऐलान किया था। इससे संबंधित खबरें भी मीडिया में आई थीं। अब अजीत जोगी (ajit jogi) ने अपने अधिकृत निजी सहायक सत्यनारायण जायसवाल निवासी पेण्ड्रा के माध्यम से धनसिंह को नोटिस भेजा है। जिसकी प्रति उन्होंने मीडिया से भी साझा की।

जोगी ने ये कहा नोटिस में…

पत्र में जोगी (ajit jogi) धनसिंह से कह रहे हैं- ‘आपने कंवर सभा की कोई बैठक ली, जिसकी अध्यक्षता धीरपाल सिंह कंवर कर रहे थे। उस बैठक में यह निर्णय लिया गया कि कंवर समाज ने मुझे बहिष्कृत किया है। दिनांक 31/08/2019 को मेरी भाई बहू स्व. श्रीमती जमीला पैकरा के दशगात्र कार्यक्रम में मैं शामिल हुआ। जिसमें धीरपाल सिंह कंवर जी भी शािमल थे।

वहां उपस्थित मीडियाकर्मियों ने कंवर समाज के प्रमुख लोगों के बयान लिये जिन्हें बाद में चैनलों में प्रदर्शित किया गया और विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित भी किया गया। वहां अन्य लोगों के अतिरिक्त स्वयं धीरपाल सिंह कंवर ने बयान दिया कि आपने अर्थात धनसिंह कंवर ने उनसे जबरिया पंजी पर हस्ताक्षर कराया था और एक अखबार में मेरे बहिष्कार संबंधी पूर्णत: झूठा समाचार प्रकाशित करवाया था।

ऐसे समाचार के प्रकाशन से मेरी अवमानना हुई है। मेरी सामाजिक एवं राजनैतिक प्रतिष्ठा को गहरी चोट पहुंची है। आप यह कृत्य इंडियन पेनल कोड की धारा 499 एवं धारा 500 के अंतर्गत दंडनीय अपराध है।

इस पत्र की प्राप्ति के एक माह के अंदर आप सार्वजनिक रूप से मुझसे माफी मांगकर उसे उसी अखबार में प्रकाशित करावें। यदि आप ऐसा नहीं करते हैं तो मैं इस कानूनी नोटिस के द्वारा सूचित कर रहा हूं कि मैं सक्षम न्यायालय के समक्ष आपके विरुद्ध एक करोड़ रुपए की मानहानि का दावा दायर करूंगा। साथ ही अपराधिक प्रकरण दर्ज कराऊंगा जिसमें जेल की सजा का प्रावधान है।’

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